सखी अनुराग लीला [ब्रज विहार]

सखी अनुराग लीला श्री नारायण स्वामी द्वारा रचित 'ब्रज विहार' ग्रंथ का 34वां अध्याय है जिसमें श्री कृष्ण सम्बंधित सखी वचन के तीन पद एवं एक दोहा संकलित हैं।

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  1. या साँवरे सों मैं प्रीति लगाई - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, सखी अनुराग लीला (3)

    हे सखी, मेरे मन ने सांवरे सलोने कृष्ण चन्द्र से प्रीति जोड़ ली है। अब मैं कुल की मर्यादा का पालन न करने के कलंक से नहीं डरूंगी, जो अब मेरा मन कहेगा, वही करूँगी।