सांझी फूल बीनन में संवाद

'सांझी फूल बीनन में संवाद' श्री नागरीदास जी की वाणी का 39th अध्याय, श्री नागरीदास जी द्वारा रचित है जिसमें पुष्प चयन के मध्य श्री राधा कृष्ण के बीच के संवाद का वर्णन है ।

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  1. कहा है परायो - श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, सांझी फूल बीनन में संवाद (4)

    सखी श्याम सुंदर से कहती है, "यहाँ श्री ब्रज धाम में कुछ पराया कहाँ है? सब कुछ जो दिख रहा है, वह तो हमारी स्वामिनी श्री राधा जी का ही है। आपने बिना विचार किए ही झूठे वचन बोले कि इस वन के रखवार तुम हो।"