निगम अगोचर परते पर, निज वृन्दावन धाम - श्री दण्डौतीरामजी महाराज
श्री निज वृन्दावन वह परम धाम है जो वेदों (निगम) की बुद्धि से परे है। यहाँ यह दिव्य जोड़ी (श्री राधा-कृष्ण) सदा नित्य विहार करती है।
श्री दण्डौतीरामजी महाराज शुक संप्रदाय के वृंदावन के एक रसिक संत हैं।
1 लेख उपलब्ध हैं
श्री निज वृन्दावन वह परम धाम है जो वेदों (निगम) की बुद्धि से परे है। यहाँ यह दिव्य जोड़ी (श्री राधा-कृष्ण) सदा नित्य विहार करती है।