जो कोई वृन्दावन रस चाखै - श्री जन गोविंद जी
जिसको श्री वृंदावन के रस का चस्का लग गया हो उसको चीनी एवं आठ प्रकार के रस खट्टे लगने लगते हैं एवं अन्य देशों का विचरण दुखदाई लगता है । [1]
श्री जन गोविंद, वृंदावन के एक रसिक संत
1 लेख उपलब्ध हैं
जिसको श्री वृंदावन के रस का चस्का लग गया हो उसको चीनी एवं आठ प्रकार के रस खट्टे लगने लगते हैं एवं अन्य देशों का विचरण दुखदाई लगता है । [1]