चाँपत लालन पाँय प्रिया के - श्री वल्लभ जुगल जी
श्री प्यारी जू (श्री राधा) के चरण कमलों को श्री लाल जी (श्री कृष्ण) दबा रहे हैं । श्री राधा के चरण कमल के फूल से भी अधिक कोमल हैं जिनको बहुत ही धीरे धीरे श्री श्यामसुन्दर छूते हैं, इस भय से की उन्हें कहीं तनिक भी कष्ट ना हो ।
