श्री वृन्दावन महिमाष्टक

श्री वृन्दावन महिमाष्टक श्री हित चतुर्भुजदास जी द्वारा रचित ग्रन्थ है जिसमें श्री वृन्दावन धाम की महिमा का वर्णन किया गया है।

2 लेख उपलब्ध हैं

  1. वृन्दावने नन्दित कृष्णचन्द्र - श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (14.14)

    जिस श्रीवृन्दावन में श्रीकृष्णचन्द्र आनन्दपूर्वक नित्य विहार करते हैं और जहाँ निरालस काम-विलास-लीलाओं का अखण्ड समूह विद्यमान है, वहाँ मेरा मन श्रीराधा महारानी के चरण-कमलों पर गुंजार करने वाली भ्रमरी के समान सदा अनुरक्त रहे।