रूप प्रिया कौ कहन कौं - श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, श्रृंगार सभा मण्डल (39)
श्री प्रियाजी (श्री राधा) के रूप का वर्णन करने की सामर्थ्य मेरी अल्प बुद्धि में कहाँ है? जिनके नयनों की केवल एक कटाक्ष-मात्र से स्वयं सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण भी मोहित होकर उनके चरण कमलों में विभोर होकर लोटने लगते हैं।
