श्री राधिका स्तव [श्री छबीले वल्लभ जी]

श्री राधिका स्तव श्री वृंदावन धाम के रसिक भक्त श्री छबीले वल्लभ गोस्वामी जी द्वारा रचित है जिसमें श्री राधिका महारानी का यशोगान किया गया है ।

1 लेख उपलब्ध हैं

  1. श्री राधिका स्तव - श्री छबीले वल्लभ जी

    रस प्रदायनी अति सुकुमारी श्री राधिका की जय हो। कमल पुष्प के समान कोमल अंगों वाली, प्रेम की खान, श्री श्यामसुंदर की आराधिका की जय हो। श्री कृष्ण की प्राण प्यारी, गौर वर्णा श्री नवल किशोरी जू की जय हो। हे श्री राधिके, अब कृपा कर मेरे ह्रदय के अंधकार का हरण कीजिये।