वंशी लीला [ब्रज विहार]

वंशी लीला 'ब्रज विहार' ग्रंथ का 23वां अध्याय है जिसमें श्री नारायण स्वामी द्वारा लिखित भगवान श्री कृष्ण की वंशी माधुरी का वर्णन किया गया है ।

2 लेख उपलब्ध हैं

  1. लीला युगलस्वरूप की, दुख भंजन सुख दैन - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, वंशी लीला (13)

    युगल सरकार (श्री राधा कृष्ण) की लीलाएं दुखों को दूर करती हैं और सुख प्रदान करती हैं। जो लोग इन लीलाओं का नित्य श्रवण एवं गान करते हैं, वे चैन (आनंद) पाते हैं।