निगमादिक ज्ञान के ग्रंथ अनेक - कविवर यमुनाप्रसाद 'प्रीतम'
हे श्री राधे, अनगिनत ग्रन्थ, और वेद सभी आपकी महिमा गाते हैं। रसिक शिरोमणि प्रियतम श्री श्यामसुन्दर सदा आपके चरणों में पूर्ण रूप से समर्पित रहते हैं।
कविवर यमुनाप्रसाद प्रीतम ब्रज धाम के एक रसिक कवि हैं ।
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हे श्री राधे, अनगिनत ग्रन्थ, और वेद सभी आपकी महिमा गाते हैं। रसिक शिरोमणि प्रियतम श्री श्यामसुन्दर सदा आपके चरणों में पूर्ण रूप से समर्पित रहते हैं।