श्री यमुनाष्टकं - श्री वल्लभाचार्य
मैं श्री यमुना जी को प्रणाम करता हूँ जो समस्त सिद्धि को प्रदान करने वाली हैं । श्री यमुना जी के छोर की रज श्री कृष्ण के चरण कमल के समान चमक रही है । श्री यमुनाजी के तट पर स्थित कुंजों के फूलों की सुगंध से यमुना जी का पानी भी सुगंधित है। समस्त विनम्र एवं चतुर गोपियां यमुना जी की भक्ति करती हैं । श्री यमुना जी श्री कृष्ण की सुंदरता अपने में समेटे हुए है ।
