श्री हित ध्रुवदास ने यहां बयालीस लीला पुस्तक लिखी जिसमें निकुंज लीलाओं का वर्णन है। यहां श्री ध्रुवदास को श्री राधा के दिव्य दर्शन हुए और उनकी कृपा प्राप्त हुई।

श्री हित ध्रुवदास ने यहां बयालीस लीला पुस्तक लिखी जिसमें निकुंज लीलाओं का वर्णन है। यहां श्री ध्रुवदास को श्री राधा के दिव्य दर्शन हुए और उनकी कृपा प्राप्त हुई।