गोपियों ने कृष्ण के वियोग में उनकी विभिन्न लीलाओं का अभिनय किया : श्री कृष्ण के सभी गोपियों के मध्य से अंतर्ध्यान होने पर गोपियों ने कृष्ण की खोज में व्याकुल होकर, उनके विभिन्न लीलाओं का अनुकरण करने लगीं। एक गोपी ने पूतना की नकल की, जबकि दूसरी ने बाल कृष्ण का अभिनय किया। एक गोपी ने उस लीला का अनुकरण किया जिसमे श्री कृष्ण दूर भटक गई गायों को बुला रहे हैं, कैसे वे अपनी बांसुरी बजाते हैं और कैसे वे विभिन्न लीला करते हैं। एक अन्य गोपी, जिसका मन कृष्ण में लीन था, एक मित्र के कंधे पर हाथ रखकर चल पड़ी और बोली, "मैं कृष्ण हूँ! हवा और बारिश से मत डरो, मैं आपको बचा लूंगा।" प्रेम मंदिर की दीवार पर इस सुन्दर लीला का चित्रण किया गया है।