वृन्दावन के रसिक संत श्री हित हरिवंश महाप्रभु, राधावल्लभ लालजी के साथ वर्ष 1506 में कार्तिक में भगवान की स्थापना करके वृन्दावन आये थे। यह पुराने वृन्दावन में मदन तेरा (ऊंची ठौर) में हुआ था।