आज भी वे कंटीली झाड़ियाँ देखी जा सकती हैं जहाँ नागाजी के बाल उलझे हुए थे।

आज भी वे कंटीली झाड़ियाँ देखी जा सकती हैं जहाँ नागाजी के बाल उलझे हुए थे।