श्री ललिताजी प्रेमपूर्वक अपने जीवन के आत्मिक खजाने को देखती हैं, वह कोई और नहीं बल्कि श्री राधा हैं, जिनके पास बांसुरी है।

श्री ललिताजी प्रेमपूर्वक अपने जीवन के आत्मिक खजाने को देखती हैं, वह कोई और नहीं बल्कि श्री राधा हैं, जिनके पास बांसुरी है।