श्रीराधा-कृष्ण की प्रेमपूर्वक सेवा करती हुईं सखियाँ, जिनमें दो सखियाँ चँवर डुला रही हैं और दो अन्य सखियाँ दोनों ओर बैठकर श्रीराधा और श्रीकृष्ण के चरणकमलों को धीरे-धीरे दबा रही हैं।