मेरी सुधि लीजौ हो, ब्रजराज - श्री सूरदास, सूर सागर
हे व्रज के नाथ, श्री कृष्ण! कृपा कर मेरी सुधि लीजिए। इस संसार में मेरा और कोई नहीं है । आप ही मेरी बिगड़ी को बनाने वाले हैं!
राग मुल्तानी एक हिंदुस्तानी शास्त्रीय राग है जो तोड़ी थाट से संबंधित है। इसे आम तौर पर दिन के तीसरे प्रहर में गाया जाता है अर्थात दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक।
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हे व्रज के नाथ, श्री कृष्ण! कृपा कर मेरी सुधि लीजिए। इस संसार में मेरा और कोई नहीं है । आप ही मेरी बिगड़ी को बनाने वाले हैं!
श्री राधा कृपा पर स्वयं को बलिहार कर दीजिए । श्री वृंदावन जाकर नित्य ही “राधा राधा" रटिए ।