बृहन्नारदीय पुराण

नारदीय पुराण या नारद पुराण, संस्कृत भाषा में लिखे गए दो वैष्णव ग्रंथ हैं। एक ग्रंथ को प्रमुख पुराण कहा जाता है, जिसे महापुराण भी कहा जाता है, जबकि दूसरे को लघु पुराण कहा जाता है, जिसे बृहन्नारदीय पुराण भी कहा जाता है।

3 लेख उपलब्ध हैं

  1. राधा देवी जगत्कर्त्री - बृहन्नारदीय पुराण, पूर्व (3.181)

    श्री राधारानी जगत की रचना करने वाली, उनके पालन में रत रहने वाली, जगत का (प्रलयकाल में) संहार करने वाली हैं । वे सर्वेश्वरी (सब पर शासन करने वाली) हैं तथा संपूर्ण जगत की जननी हैं ।

  2. राधा राधेति राधेति राधाकृष्णेति - बृहन्नारदीय पुराण

    हे द्रौपदी! “राधा! राधा!, राधा कृष्ण!” - इन नामों का सदैव बार बार उच्चारण करो, कीर्तन करो क्योंकि एक बार “राधा" कहने से श्री विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ का फल मिलता है ।

  3. राधा सरोवर की महिमा

    राधा सरोवर प्राण मंत्र है - ओह राधिका सरोवर, आप देवताओं को संतुष्ट करने वाली हैं ! आप को नमस्कार, इस सरोवर में तीनों लोकों को मुक्त करने की शक्ति और क्षमता है।