श्री चरणदास जी की वाणी

श्री चरनदास जी की वाणी श्री चरनदास जी द्वारा लिखे गए विभिन्न भजनों और पदों का संग्रह है।

4 लेख उपलब्ध हैं

  1. आय सकत नहिं गिरा में संप्रदाय मम रीत - श्री चरण दास

    मेरे संप्रदाय की रीति का पूर्ण वर्णन वाणी से कर पाना संभव नहीं। इसे प्रेम-सम्प्रदाय कहते हैं, इसकी कुछ अनुभूति और अभिव्यक्ति भी केवल प्रेम के माध्यम से ही संभव है।