नवदुलहिन लीला [ब्रज विहार]

नवदुलहिन लीला 'ब्रज विहार' ग्रंथ का एक खंड है जो श्री नारायण स्वामी द्वारा लिखित ब्रज में नवविवाहित दुल्हन की दिव्य मधुर लीलाओं का वर्णन करता है।

2 लेख उपलब्ध हैं

  1. तजि कुतर्क जो नित सुनै - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, नवदुलहिन लीला (18)

    श्री नारायण स्वामी कहते हैं— ‘श्री युगल सरकार अपने निज-महल का निवास उन्हीं को प्रदान करते हैं, जो समस्त प्रकार के तर्क–कुतर्क का त्याग कर सदैव युगल-लीलाओं का श्रवण करते रहते हैं।’

  2. आज इन दोउन पै बलिहारी - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, नवदुलहीन लीला (17)

    आज हम दिव्य दंपति श्री राधा कृष्ण पे अपने आप को न्योछावर करते हैं । श्याम सुंदर की अनुपम सुंदरता लाखों "कामदेवों" को लज्जित करने वाली है और श्री राधा का सुंदर चेहरा चंद्रमा को लज्जित कर रहा है ।