नेह तरंग

नेह तरंग श्री हरिदासी संप्रदाय के श्री किशोर दास द्वारा लिखित ग्रंथ है।

2 लेख उपलब्ध हैं

  1. सुंदर नित्य बिहारिन वामा - श्री किशोर दास जी की वाणी, नेह तरंग (66)

    सर्वोपरि नित्यविहारिनी ज़ू साक्षात श्री राधिका रानी अत्यंत मोहिनी हैं जिन्हें निरख कर अखिल विश्व को मोहित करने वाले, साक्षात कामदेव को भी मोह लेने वाले श्याम सुंदर भी मोहित हो जाते हैं ।

  2. अब कब कृपा करोगी स्वामिनी - श्री किशोर दास, श्री किशोर दास जी की वाणी, नेह तरंग (47)

    हे स्वामिनी, जो नित्य निकुंजों में नित्य विहार पारायण हैं, जिनका नाम “श्री राधे है", हे श्यामा! आप मुझ पर कब कृपा करोगी?