श्री नूपीबाई

श्री नूपीबाई श्री शुक संप्रदाय से वृंदावन की एक रसिक भक्त थी ।

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  1. हरि कथा सुख की निधि जगत कथा संताप - श्री नूपीबाई जी

    श्री हरि की कथा ही सच्चे सुख का भंडार है, जबकि संसार की चर्चाएँ केवल दुःख और संताप बढ़ाती हैं। श्री नूपीबाई जी कहती हैं कि हरि-नाम के बिना अन्य सांसारिक वचन प्रायः पापरूप ही होते हैं।