पक्षी बंध सवैया (श्री लाल बलबीर)

पक्षी बंध सवैया श्री लाल बलबीर द्वारा लिखित ग्रंथ श्री ब्रज बिनोद का आख़िरी अध्याय है ।

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  1. दियौ किसोरी लाड़ली श्रीवृंदावन - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, पक्षी बंध सवैया (6)

    हे सुख की सागर, श्री लाड़िली किशोरी जी (श्री राधा)! जैसे आपने अपनी अगाध कृपा करके मुझे श्री धाम वृन्दावन में वास प्रदान किया है, वैसे ही समस्त ब्रजवासी जन भी मुझ पर अपनी सहज कृपा-दृष्टि बनाए रखें एवं मेरा किसी ब्रजवासी के प्रति स्वप्न में भी अपराध न बने।