रस के सेवैया [श्री बिहारिन देव जी की वाणी]

रस के सेवैया, ग्रंथ श्री बिहारिन देव जी की वाणी में श्री बिहारिन देव जू द्वारा लिखित रस के सेवैयाओं का संकलन है। रचैयता: श्री बिहारिन देव जू

2 लेख उपलब्ध हैं

  1. रहैं अंग संग अनंग हरैं मनु - श्री बिहारिन देव जी की वाणी, रस के सेवैया (30)

    वे दोनों सदा एक साथ रहते हैं, जिनका सौंदर्य स्वयं कामदेव (अनंग) का मन भी मोह लेता है। श्रीकृष्ण का रूप नव-वर्षा के मेघ के समान है, और श्रीराधा बिजली की चमक जैसी दैदीप्यमान।