बरसाने वृषभान गोप घर - श्री कल्याण दास
बरसाने में वृषभानु गोप के घर सौंदर्य और शोभा की साक्षात् निधि प्रकट हुई हैं। कीरतिरानी की कोख वास्तव में धन्य है, जिन्होनें ऐसी अद्भुत कन्या को जन्म दिया है।
श्री कल्याण श्री विट्ठल नाथ जी के पौत्र थे। उनका नाम कल्याण राय था एवं वह पुष्टिमार्गी थे ।
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बरसाने में वृषभानु गोप के घर सौंदर्य और शोभा की साक्षात् निधि प्रकट हुई हैं। कीरतिरानी की कोख वास्तव में धन्य है, जिन्होनें ऐसी अद्भुत कन्या को जन्म दिया है।
हे श्री राधा, आपकी आंखें बिना काजल के ही काली हैं। आप बिना किसी महावर के ही अति सुकुमारी हैं और पान के बिना ही आपके होंठ लाल हैं।