श्री पद्माकर

पद्माकर (1753 - 1833) रितिकाव्य के प्रसिद्ध कवि और सुप्रसिद्ध लेखक हैं। उन्होंने अधिकतर कृष्ण की लीलाओं, श्रृंगार रस, श्री राधा के सौंदर्य आदि के पद लिखे हैं ।

3 लेख उपलब्ध हैं

  1. तालन पै ताल पै तमालन - श्री पद्माकर

    शरद ऋतु की उज्ज्वल चाँदनी सरोवरों पर, ताल एवं तमाल के वृक्षों पर, गले की मालाओं पर, वृंदावन की गलियों में तथा विहार-स्थल बंशीवट पर सर्वत्र फैल गई है।