श्री रूप मंजरी

श्री रूप मंजरी ललित संप्रदाय के श्री वंशी अली जी के कृपा पात्र शिष्य थे।

4 लेख उपलब्ध हैं

  1. निकुंज में ठाढ़े जुगल किसोर - श्री रूप मंजरी

    निकुंज में युगल सरकार, श्री राधा-कृष्ण युगल अत्यंत सुशोभित हैं, दोनों ने एक-दूसरे के गले में बाँहें डाल रखी हैं। आलस्य से भरी प्रभात बेला में वे जागे हैं, और उनके प्रेम की छाया से मानो भोर भी रंजित हो गई है।

  2. अंस भुजा दियैं आवत जमुना तीर - श्री रूप मंजरी

    एक दूसरे को आलिंगन किए हुए श्री श्याम श्याम यमुना किनारे आ रहे हैं । वे आलस्य में भरे, डगमगाते हुए अपने चरणों को धरती पर रख रहे हैं जिनका चंचल सौंदर्य एक दामिनी (राधा) एवं घने बादल (कृष्ण) के समान है ।