श्री प्रिया वदन छबि चंद मनौं - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, युगल ध्यान (1)
श्री प्रिया का मुख मानो चन्द्र के समान है, और प्रियतम श्रीकृष्ण के नयन मानो चकोर पक्षी के समान हैं, जो नित्य ही उस प्रेममयी सुधा-माधुरी का पान करते रहते हैं।
युगल ध्यान बयालीस लीला ग्रन्थ का एक अध्याय है जिसमें युगल सरकार श्री राधा कृष्ण के के स्वरुप का किस प्रकार ध्यान करना चाहिए, बताया गया है। लेखक: श्री ध्रुवदास
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श्री प्रिया का मुख मानो चन्द्र के समान है, और प्रियतम श्रीकृष्ण के नयन मानो चकोर पक्षी के समान हैं, जो नित्य ही उस प्रेममयी सुधा-माधुरी का पान करते रहते हैं।
जिस प्रकार आँखों को पलकों से अनन्य प्रेम होता है और पलकें हर क्षण आँखों को रक्षा प्रदान करती हैं, वैसे ही हमें श्रीयुगल सरकार (लाड़ली-लाल) के कमल-चरणों से प्रेम करना चाहिए और ध्यान वहीं लगाना चाहिए जिससे हमारा भजन नित्य बना रहे।