घुँघरारी अलकावली, मुख पै देत बहार।
रसिक मीन मन के लिये, काँटे अति अनियार॥
- ब्रज के दोहे
श्री कृष्ण के मुखमंडल पर सुशोभित घुँघराले बालों की लटें अद्भुत सौंदर्य की छटा बिखेर रही हैं। रसिकों के मीन रुपी मन को आकर्षित कर फँसाने के लिए ये अलकें अत्यंत नुकीले काँटों के समान हैं।
रसिक मीन मन के लिये, काँटे अति अनियार॥
- ब्रज के दोहे
श्री कृष्ण के मुखमंडल पर सुशोभित घुँघराले बालों की लटें अद्भुत सौंदर्य की छटा बिखेर रही हैं। रसिकों के मीन रुपी मन को आकर्षित कर फँसाने के लिए ये अलकें अत्यंत नुकीले काँटों के समान हैं।

