द्वै जवाहिर नैन में एक हीरा एक लाल - श्री मलूक दास जी की वाणी, श्रीराधाकृष्ण व्याहुला (3)

द्वै जवाहिर नैन में एक हीरा एक लाल - श्री मलूक दास जी की वाणी, श्रीराधाकृष्ण व्याहुला (3)

द्वै जवाहिर नैन में, एक हीरा एक लाल।
परखत है जन जौहरी, श्रीराधा नन्दकुमार॥

- श्री मलूक दास, मलूक दास जी की वाणी, श्रीराधाकृष्ण व्याहुला (3)

श्रीराधा और श्रीकृष्ण रूपी दो अनमोल रत्न भक्तों के नेत्रों में बसे हुए हैं। इनमें से एक हीरे के समान उज्ज्वल है और दूसरा लाल मणि के समान अनुपम है। सच्चे जौहरी के समान रसिक भक्त ही इन दोनों दिव्य रत्नों के सौन्दर्य और प्रेममयी महिमा को पहचानकर उनका आस्वादन करते हैं।