लता कुंज वृंदा बिपिन बिहरें - श्री सरस माधुरी

लता कुंज वृंदा बिपिन बिहरें - श्री सरस माधुरी

लता कुंज वृंदा बिपिन, बिहरें बिबि सुकुमार।
श्रीमुख की मकरंद लहि, मधुप रहे गुंजार॥

- श्री सरस माधुरी

श्रीवृंदावन के लता-कुंजों में दोनों परम सुकुमार श्रीराधा-कृष्ण नित्य विहार कर रहे हैं। उनके श्रीमुख की मकरंद-रूपी माधुरी को प्राप्त करके भँवरे आनंदित होकर मधुर गुंजार कर रहे हैं (अथवा रसिक जन उनका सुंदर गुणगान कर रहे हैं)।