सोवत जागत फिरत में, सुनियत है शुभ नाम।
श्री राधाबल्लभ राधिका, अलबेली रस धाम॥
- श्री अनन्य अली जी, श्री अनन्य अली जी की वाणी, श्री वृंदावन वास अवस्था (2.67)
जहाँ सोते, जागते और चलते-फिरते हर समय ‘श्रीराधावल्लभ’, ‘श्रीराधिका’ आदि परम मंगलमय नामों का श्रवण होता रहता है, वह श्रीधाम वृन्दावन अलबेली सरकार श्रीराधाजू का दिव्य रसधाम है।
श्री राधाबल्लभ राधिका, अलबेली रस धाम॥
- श्री अनन्य अली जी, श्री अनन्य अली जी की वाणी, श्री वृंदावन वास अवस्था (2.67)
जहाँ सोते, जागते और चलते-फिरते हर समय ‘श्रीराधावल्लभ’, ‘श्रीराधिका’ आदि परम मंगलमय नामों का श्रवण होता रहता है, वह श्रीधाम वृन्दावन अलबेली सरकार श्रीराधाजू का दिव्य रसधाम है।

