वृन्दावने चारु बृहद्वने - श्री विट्ठलनाथ जी (गुसाईं जी), यमुनाष्टपदी (अंतिम श्लोक)
हे सूर्यपुत्री यमुना जी! मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप वृंदावन धाम में ही मेरा मनोरथ पूर्ण करें, जहाँ यमुना तट पर श्री कृष्ण का नित्य विहार दृष्टिगोचर होता है ।
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हे सूर्यपुत्री यमुना जी! मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप वृंदावन धाम में ही मेरा मनोरथ पूर्ण करें, जहाँ यमुना तट पर श्री कृष्ण का नित्य विहार दृष्टिगोचर होता है ।
नारनौल ग्राम में सांझापुर नामक स्थान है जहाँ एक गौड़ ब्राम्हण कुल के धर्मात्मा रहते थे जिनका नाम श्री चौबेलाल था। ये वेद शास्त्र के पूर्ण ज्ञाता थे तथा बहुत धनवान भी थे। इनका वंश चौबे नाम से विख्यात था। इनकी पत्नी का नाम श्रीमती रामकुँवरि था।
श्री राधावल्लभ मंदिर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले में वृन्दावन में स्थित है। यह बांके बिहारी मंदिर के पास है। "श्री राधावल्लभ दर्शन दुर्लभं" श्री राधावल्लभ के दर्शन बहुत दुर्लभ हैं।