कजर बिन कारी तेरी अखियाँ - श्री कल्याण दास
हे श्री राधा, आपकी आंखें बिना काजल के ही काली हैं। आप बिना किसी महावर के ही अति सुकुमारी हैं और पान के बिना ही आपके होंठ लाल हैं।
राग नायकी एक बहुत ही गतिशील उज्ज्वल प्रकार का राग है और श्रोताओं को तुरंत प्रभावित करता है। यह उत्साह और जीवन शक्ति से भरा है। राग नायकी को रात के दूसरे प्रहर में गाया जाता है।
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हे श्री राधा, आपकी आंखें बिना काजल के ही काली हैं। आप बिना किसी महावर के ही अति सुकुमारी हैं और पान के बिना ही आपके होंठ लाल हैं।
श्री कृष्ण श्री राधा के संग रंग महल में विराज रहे हैं। रंग महल में तीन द्वार हैं जिसमें रंगीन परदे लगे हुए हैं। कई रंगों के अनमोल रत्नों से जटित एक अंगीठी से झिलमिल झिलमिल रौशनी प्रकट हो रही है जो रति रस को बढ़ाने का कार्य कर रही है ।
श्री श्यामसुंदर श्री श्यामा जू के संग रंग महल में पौढ़े हैं एवं द्वार पर सुरंग पर्दा लगा हुआ है। कक्ष में अंगीठी जल रही है जिसका प्रकाश श्री श्यामा श्याम के सुख में प्रेम रस के रंग भर रहा है।