द्रुमा भूमिश्चिन्तामणिगणमयी तोयम मृतम् - ब्रह्म संहिता
वृन्दावन के सभी वृक्ष कल्पतरू, भूमि चिंतामणि तथा जल अमृत सदृश्य हैं।
ब्रह्म संहिता एक संस्कृत ग्रन्थ है, जिसमें सृष्टि की शुरुआत में भगवान कृष्ण या गोविंदा की महिमा का बखान करते हुए प्रार्थना की गई है।
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वृन्दावन के सभी वृक्ष कल्पतरू, भूमि चिंतामणि तथा जल अमृत सदृश्य हैं।
भगवान श्री कृष्ण बोले "पांच योजन में फैला यह वृन्दावन मेरा श्रीविग्रह (देह) ही है”।
श्रीकृष्ण कहते हैं " मैं वृंदावन धाम को एक क्षण के लिए भी नहीं छोड़ता, यह वृंदावन धाम दिव्य है और मायिक दृष्टि से इसको देखना असंभव है। "