प्रेम परीक्षा लीला [ब्रज विहार]

प्रेम परीक्षा लीला श्री नारायण स्वामी द्वारा रचित 'ब्रज विहार' ग्रन्थ का बत्तीसवाँ अध्याय है, जिसमें सखी वेश में श्री कृष्ण के द्वारा श्री राधा की प्रेम परीक्षा लीला सम्बंधित पद एवं दोहे संकलित हैं।

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  1. प्यारी नित ऐसे ही तुमें निहारूंहै - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, प्रेम परीक्षा लीला (21)

    हे प्यारी जू! मेरी यही अभिलाषा है कि मैं नित-निरंतर आपको इसी प्रकार निहारता रहूँ। आपके इस चंद्रमा के समान सुंदर मुखमंडल की नज़र उतारने के लिए मैं तिनका तोडूँ और राई-नमक न्योछावर करूँ।