मेरी प्रान सजीवन राधा - श्री सुंदरी कुंवरी जी
हे मेरे प्राणों की संजीवनी, श्री राधा, आप कब मुझे अपने सुंदर वदन-कमल का दर्शन देकर मेरी आँखों की बाधा का हरण करेंगी?
श्री सुंदरी कुंवरि जी निम्बार्क संप्रदाय की एज रसिक भक्त एवं श्री वृंदावन देवाचार्य की शिष्या थी ।
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हे मेरे प्राणों की संजीवनी, श्री राधा, आप कब मुझे अपने सुंदर वदन-कमल का दर्शन देकर मेरी आँखों की बाधा का हरण करेंगी?
न ही मैं स्वर्ग के देवराज इन्द्र को प्रसन्न करना चाहता हूँ; न ही मैं भगवान ब्रह्मा और किसी अन्य देवी को प्रसन्न करना चाहता हूँ।
भानु कुल की चूड़ामणि भूषण, श्री वृषभानु जी की पुत्री, श्री कृष्ण की भाग्यरूपी श्री राधा आज प्रकट हुई हैं।