वर्षोत्सव (श्री वंशी अलि)

वर्षाोत्सव श्री वंशी अली जी द्वारा लिखित दिव्य युगल श्री राधा कृष्ण से संबंधित विभिन्न त्योहारों के पदों का संकलन करता है।

3 लेख उपलब्ध हैं

  1. कुंज महल रंग हो हो होरी - श्री वंशी अली जी, वर्षोत्सव, बसंत के पद (15)

    निकुंज रूपी महल में होली के रंगों की धूम मची हुई है, जहाँ नित्य किशोर श्री कृष्ण और नित्य किशोरी श्री राधा प्रेम की होली खेल रहे हैं। ताल, मृदंग, झाँझ और ढप जैसे वाद्य यंत्र बज रहे हैं और झोलियों से भर-भर कर अबीर और गुलाल उड़ाया जा रहा है।

  2. श्री राधे अब तो होरी आनि बनी है - श्री वंशी अली जी, वर्षोत्सव, बसंत के पद (10)

    हे श्री राधे, होली का पर्व आ गया है, परंतु आपके बिना मेरा हृदय सूना पड़ा हुआ है। आपके मिले बिना, मैं इस उत्सव को कैसे बिताऊँ?