धन-धन बृन्दाविपिन बसैं हलवाई - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (95)
श्री वृन्दावन धाम में निवास करने वाले हलवाइ अत्यंत धन्य और सौभाग्यशाली है। वे परम प्रेम से अत्यंत सुंदर जलेबी, खुरमा, खाजा और मलाई इत्यादि मिष्ठान तैयार करते हैं।
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श्री वृन्दावन धाम में निवास करने वाले हलवाइ अत्यंत धन्य और सौभाग्यशाली है। वे परम प्रेम से अत्यंत सुंदर जलेबी, खुरमा, खाजा और मलाई इत्यादि मिष्ठान तैयार करते हैं।
स्वामी श्री हरिदास जी का वर्णन करते हुए श्री नाभादास जी कहते हैं कि श्री स्वामी हरिदास जी का अटल नियम था कि युगल नाम के चिंतन में सदा रहते थे एवं श्यामा कुंजबिहारी को नित्य ही प्रेम से लाड़ लड़ाते थे । वे नित्य श्री राधा कृष्ण की परम अंतरंग केली का ही सदा अवलोकन करते थे, एवं श्री राधा की सखी भाव के रस का पान करते थे।
श्री ललितमोहिनीदास जी श्रीहरिराम व्यासजीके वंशज थे । इनका जन्म सं . १७८० में ओरछा में हुआ था ।
एक दिन श्री रूप गोस्वामी सनातन गोस्वामी के लिए कुछ मीठे चावल बनाना चाहते थे परन्तु उनकी कुटिया में मीठे चावल बनाने के लिए आवश्यक वस्तुऐं नहीं था ।