नित नित होरी ब्रज में रहौ - श्री भारतेंदु हरिशचंद्र, भारतेन्दु ग्रंथावली, होली (79)
नित्य धाम ब्रज में होली का उत्सव नित्य-नित्य ही मनाया जाता है, जहाँ श्री हरि ब्रज की युवतियों संग आनंदपूर्वक क्रीड़ा करते हैं, और वे सदा दिव्य आनंद में मग्न रहती हैं।
