श्री नन्दन जी

श्री नन्दन जी वृंदावन के एक रसिक कवि।

6 लेख उपलब्ध हैं

  1. बल्लभ संग निकुजन में - श्री नंदन जी

    श्री राधा श्री कृष्ण संग रास विलास करती हैं, तो निकुंज की श्रृंगार प्रतीत होती हैं । जब श्री राधा माननी स्वरूप धारण कर श्री कृष्ण से मान करती हैं तब श्री कृष्ण जिनकी चाटुकारिता करती हैं वही श्री राधे हैं ।

  2. सन्तन की यह साधन भूमि है - श्री नन्दन जी

    यह ब्रज धाम संतो की साधना भूमि है एवं भक्तों को आनंद प्रदान करने वाली है। सिद्ध महात्माओं को यह सिद्धि प्रदान करने वाली है एवं प्रेमि रसिकों को प्रेम रस प्रदान करने वाली है। 

  3. विष्णु चरावत गाय फिरौ - श्री नन्दन जी

    भगवान विष्णु ब्रज में गाय चरा रहे हैं, जिसे देखकर परम ज्ञानी ब्रह्मा जी भ्रमित हो गए हैं, और उनका सारा ज्ञान लुप्त हो चुका है। यहाँ भगवान शिव सखी स्वरूप में नृत्य कर रहे हैं और देवराज इंद्र तथा उनके पुत्र कुबेर, गोपी स्वरूप में पानी भरने की सेवा कर रहे हैं।