श्री राधा नामावली

“श्री राधा नामावली” वंशी अलि जी के शिष्य, श्री किशोरी अलि जी द्वारा ब्रज भाषा में रचित ग्रंथ है, जिसमें श्री राधा के विभिन्न नामों को दोहों के रूप में सुंदरता से पिरोया गया है।

7 लेख उपलब्ध हैं

  1. चारुमुखी चंद्रानना चतुरा चतुर सुजान - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (39)

    श्री राधा का मुखमण्डल अत्यन्त सुन्दर तथा चन्द्रमा के समान मनोहर है। वे परम चतुर, विवेकशील और सुजान हैं। समस्त स्त्रियों में वे शिरोमणि हैं तथा अपने प्रियतम श्रीकृष्ण के प्राणों की भी प्राणस्वरूपा हैं।

  2. प्राण प्रिया प्राणेश्वरी, लाड लड़ी सुकुवांर - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (25)

    श्री राधा प्राणों से भी अधिक प्रिय, प्राणों की स्वामिनी, अत्यंत लाड़ली एवं सदा सुकुमार अवस्था वाली हैं। लाड़ली जी ‘अलक लड़ैती’ (लाड़ लड़ाने योग्य) हैं, एवं परम उदारता एवं करुणा की साक्षात मूर्ति हैं ।

  3. परमानन्द स्वरुपिनी मनहरनी सुख रास - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (23)

    श्री राधा परम आनंद की स्वरूपा हैं, जो मन का हरण करने वाली और सुख की अनंत रसधारा हैं। वे अपने प्रियतम श्रीकृष्ण के हृदय में रस की तरंगें उत्पन्न करती हैं और उनके हृदय में सदा निवास करती हैं।

  4. रसिक रसीली रंग भरी रमनी कमनी नारि - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (14)

    रसीली श्री राधा रंग-रूप से परिपूर्ण, रसिकों को सुख प्रदान करने वाली परम सुंदर और रमणीय स्त्री हैं। वे प्रेमरस की बहती धारा हैं, स्वयं रस का रूप हैं। वे प्रेम क्रीड़ा की सारभूत और चरम अभिव्यक्ति हैं।

  5. गौरांगी गुणनिधि प्रिया सकल कला की ख़ान - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (10)

    गौरवर्ण श्री राधा दिव्य गुणों की निधि एवं समस्त कलाओं की खान हैं। उनकी चाल गर्वित उन्मत्त हाथी के समान है एवं वे समस्त विद्या-गान की मूल स्रोतस्वरूपा हैं।

  6. सुख दाता सुख दायिनी साहिबिनी सिरताजम - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (21)

    श्री राधा समस्त सुखों की प्रदाता स्वामिनी हैं, जो समस्त अधिपतियों में मुकुटमणि हैं! वे श्री वृंदावन धाम में विलास करने वाली महारानी हैं और दीन जनों की परम रक्षक हैं।

  7. मंगल निधि श्री राधिका मंगल राधा नाम - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (3)

    श्री राधिका मंगल निधि हैं एवं “राधा” नाम समस्त प्रकार से मंगल करने वाला है । जो परम विश्राम की चाह रखता हो उसे निरंतर “राधा राधा” नाम रटना चाहिए ।