श्री प्रियाशरण जी

श्री प्रियाशरण जी, वृंदावन के रसिक संत

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  1. धनि धनि लाड़िली के चरन - श्री प्रियाशरण जी

    श्री राधा के चरण धन्य-धन्य हैं। जो पुष्प जैसे अति सुकमाल हैं एवं स्वर्ण की आभा का हरण कर रहे हैं। श्री कृष्ण ने अपने कर-कमलों से इन चरणों में जावक एवं चित्र की रचना की है।