श्री श्यामदास

श्री श्यामदास गौड़ीय संप्रदाय के वृंदावन के एक रसिक भक्त हैं ।

5 लेख उपलब्ध हैं

  1. चल मन वृन्दावन चल रहिये - श्री श्यामदास

    हे मन, चल वृन्दावन में ही रहें, जहाँ की रज श्री श्यामाश्याम के चरण-रज से मिश्रित परम पुनीत है, जिसे अपने माथे पर लगाकर हम अपने जन्म-जन्मान्तरों के फल को प्राप्त करें।

  2. बन्दौं स्वमिनि चरण तिहारे - श्री श्यामदास

    हे स्वामिनी श्री राधा, मैं आपके चरणकमलों की वंदना करता हूँ। आपके चरणारविंद अरुणवर्ण के, सुकोमल, निर्मल और करुणापूरित हैं, जो कामदेव के मन को भी लुभाने वाले हैं।