आह्लादामृतवर्षिणीं भगवतीं - श्री विट्ठलनाथ जी, श्री स्वामिनी जी ध्यानम् (8)
श्री राधा प्रेम रस का वर्षण करने वाली भगवदी स्वामिनी हैं एवं सब के द्वारा परम पूजनीय चिंतामणि हैं । वे श्री कृष्ण को आकर्षण करने वाली उनकी प्रियतमा हैं जो श्री कृष्ण को प्राणों से भी अधिक प्रिय हैं । श्री राधा, श्री कृष्ण के प्रेम का वर्धन करने वाली, रस की अधिष्ठात्री हैं जो उन्हें क्रीड़ा रस के आस्वादन से पोषण करती हैं । मैं सुख का वर्धन करने वाली, सौंदर्य की सीमा, स्वामिनी श्री राधा का नमन करता हूँ जिनको नित्य निरंतर कृष्ण के नाम एवं गुण रुचिकर हैं ।
