श्री राधा प्रसाद देव जू

श्री राधा प्रसाद देव जू , वृंदावन के हरिदासी सम्प्रदाय के रसिक भक्त हैं।

7 लेख उपलब्ध हैं

  1. नवल लाल अरु नवल किसोरी - श्री राधा प्रसाद देव जू

    नित्य नव दूलह-दुलहिन-स्वरूप श्रीश्यामा-श्याम नव निकुंज मन्दिर में सुख-सेज पर पौढ़े हुए हैं। हे सखी, वे परस्पर हास-परिहास पूर्वक सुख विलसते हुए अतिशय शोभित हो रहे हैं।

  2. ललित बसंत सघन वृंदावन - श्री राधा प्रसाद देव जू

    वसंत ऋतु के आगमन से वृंदावन के हरे-भरे वन आनंद से खिल उठे हैं, और लताएँ लहराते हुए झूम रही हैं। नवीन पल्लव एवं रंग-बिरंगे पुष्प प्रस्फुटित हो रहे हैं, कमल और भ्रमर अपनी मधुर रस क्रीड़ा में मग्न हैं।

  3. नयो होरी को खिलार - श्री राधा प्रसाद देव जू

    फाग के नये खिलाड़ी श्रीबिहारीजी महाराज आज श्रीकिशोरीजी के दाव पर चढ़ गये हैं। किशोरीजी ने झपट कर एक हाथ से उनकी फेंट पकड़ ली है और दूसरे से गालों पर गुलाल मल दिया हैं।