आगे की आगे गई अब न रुखाई देहु - श्री वृंदावन दास चाचा जी, विवेक लक्षण बेली (106)
जो बीत गया सो बीत गया प्रभु, कृपा कर अब कठोरता न दिखाइए। श्री हित वृंदावन दास जी विनयपूर्वक प्रार्थना करते हैं कि अपने इस दास की लाज को अपने हृदय में धारण कर उस पर कृपा कीजिए।
