दुलह-दुलहिन हाथ डोरना - चाचा श्री हित वृंदावन दास, श्रीयुगल सनेह पत्रिका (58)
सखियाँ दुलह-दुलहिन श्री श्यामाश्याम का विवाह करने हेतु उनके कर-कमलों में कंकण बांधे रखती हैं, क्यूँकि सखियों को सब दिनों में विवाह का दिन अत्यंत प्रिय है, जिसके रस में वे नित्य डूबी रहती हैं ।
