श्री हित कल्याण पुजारी जी की वाणी

श्री हित कल्याण पुजारी जी की वाणी श्री राधा वल्लभ संप्रदाय के श्री कल्याण पुजारी द्वारा लिखित ग्रंथ है।

8 लेख उपलब्ध हैं

  1. या छवि ऊपर हौं बलिहारी - श्री कल्याण पुजारी जी, श्री हित कल्याण पुजारी जी की वाणी (73)

    मैं दिव्य दंपति श्री राधा कृष्ण की उस छवि पर बलिहार जाता हूँ जब वे दोनों एक दूसरे का आलिंगन कर गले में हाथ डाले सुशोभित होते हैं ।

  2. प्रभु तुम्हरी कृपा अपार है, मेरेहु दोष अपार - श्री कल्याण पुजारी जी की वाणी (236)

    हे प्रभु! आपकी कृपा की कोई सीमा नहीं है, वह अनंत और अपार है, परंतु दूसरी ओर मेरे अपराध और दोष भी अनगिनत हैं। इस प्रकार हम और आप एक-दूसरे के समतुल्य हैं। अब आप ही विचार कीजिए कि मेरे दोषों का निवारण कैसे होगा, जिससे मैं आपकी कृपा को प्राप्त कर सकूँ।